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1. बहता पानी और रमता जोगी ही शुद्ध रहते हैं |

2.  हिंदू संस्कृति आध्यात्मिकता की अमर आधारशिला पर आधारित है।

3.  पक्षपात सब बुराइयों की जड़ है |

4.  भय ही पतन और पाप का निश्चित कारण है |

5.  ज्ञानी कभी किसी व्यक्ति कि स्वतंत्रता , समानता , सम्मान एयर स्वायत्तता को भंग नहीं कर्ता है |


6.  आदर्श, अनुशासन, मर्यादा, परिश्रम, ईमानदारी तथा उच्च मानवीय मूल्यों के बिना किसी का जीवन महान नहीं बन सकता है|
7.  मन की दुर्बलता से अधिक भयंकर और कोई पाप नहीं है।

8.  आपदा ही एक ऐसी स्थिति है,जो हमारे जीवन कि गहराइयों में अन्तर्दृष्टि पैदा करती है |


9.  हम भारतीय सभी धर्मों के प्रति केवल सहिष्णुता में ही विश्वास नहीं करते , वरन सभी धर्मों को सच्चा मानकर स्वीकार भी करते हैं |
10.  महान त्याग से ही महान कार्य सम्भव है |

11.  हमें लोहे के पुट्ठे और इस्पात के स्नायु चाहिए, जिनमें वज्र सा मन निवास करे |

12.  वस्तुएं बल से छीनी या धन से खरीदी जा सकती हैं, किंतु ज्ञान केवल अध्ययन से ही प्राप्त हो सकता है |

13.  जितना अध्ययन करते हैं, उतना ही हमें अपने अज्ञान का आभास होता जाता है |

14.  जिसके साथ श्रेष्ठ विचार रहते हैं, वह कभी भी अकेला नहीं रह सकता |


15.  वह नास्तिक है, जो अपने आप में विश्वास नहीं रखता | 


16. जीवन का रहस्य केवल आनंद नहीं है बल्कि अनुभव के माध्यम से सीखना है।

17. जिस शिक्षा से हम अपना जीवन निर्माण कर सके, मनुष्य बन सके, चरित्र गठन कर सके और विचारों का सामंजस्य कर सके I वही वास्तव में शिक्षा कहलाने योग्य है |

18. दिन में एक बार अपने आप से बात करे, अन्यथा आप इस दुनिया में एक उत्कृष्ट व्यक्ति से मिलने का मौका गवा देंगे।

19. संसार में हर वस्तु में अच्छे और बुरे दो पहलु हैं। जो अच्छा पहलु देखते है, वे अच्छाई; और जिन्हे केवल बुरा पहलु देखना आता है, वे बुराई संग्रह करते हैं। 

20. गलती एक तरफा हो तो झगड़ा ज्यादा देर तक नहीं चलता।

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