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जब आप कमजोरी महससू करने लगें तो अपने खान-पान में बदलाव लाकर खुद को सेहतमंद रख सकते हैं। ऐसी स्थिति में वो खाना बेहतर रहता है जो आसानी से पच जाए और साथ ही पौष्टिक तत्वों से भरपूर हो। बुखार या खांसी के दौरान ज्यादा मात्रा में कैलरी की जरूरत होती है ताकि शरीर सामान्य रूप से काम कर सके। ऐसे में आपको कुछ ऐसे भोजन का सेवन करना चाहिए जो शरीर का काम आसान कर दे। ऐसे में सूप एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। अगर आपको कमजोरी लग रही है तो खुद घर पर भी ऐसा सूप तैयार कर सकते है जो ज्यादा कैलरी के साथ-साथ शरीर के इंफेक्शन से भी लड़ सकता है। चूंकि सूप वेजटेबल, मीट या सी-फूड से बनता है, इसलिए कमजोरी के दौरान इसका सेवन सबसे अच्छा माना जाता है। तो आइए आज हम आपको इसके फायदों के बारे में बताते हैं:-

भूख बढ़ता है

अगर आपको भूख नहीं लगती या कम लगती है, तो सूप पीना बहुत अच्छा विकल्प है। क्योंकि इसे लेने के बाद धीरे-धीरे भूख खुलने लगती है और भोजन के प्रति आपकी रूचि भी बढ़ती है।

कफ को करे पतला

कमजोरी के दौरान कफ गाढ़ा हो जाता है। इस गाढ़े कफ में बड़ी मात्रा में ऐसे तत्व होते हैं जो बैक्टीरिया और वायरस बनाते हैं। सूप की मदद से कफ या बलगम पतला हो जाता है। इससे बैक्टीरिया और इंफेक्शन से लड़ने में मदद मिलती है।

इम्यून सिस्टम को बढ़ाए

कमजोरी के दौरान सूप का सेवन इम्यून सिस्टम को बढ़ाता है। पौष्टिक तत्वों से भरपूर होने के कारण कमजोरी के दौरान सूप के सेवन पर किसी तरह की शंका नहीं होनी चाहिए। यह फ्लू, कॉमन कोल्ड और फीवर जैसे इंफेक्शन से लड़ेगा और आपको स्वस्थ रखेगा।

स्वादिष्ट

आमतौर पर कमजोरी के दौरान कुछ स्वादिष्ट खाने का मन करता है। ऐसे में सूप से बेहतर और क्या हो सकता है। मजेदार स्वाद के साथ-साथ आपको भरपूर मात्रा में पौष्टिक तत्व भी मिलेगा।

आसानी से पचने वाला

सूप आसानी से पच जाता है। इसलिए कमजोरी महसूस करने के दौरान इसका सेवन जरूर करना चाहिए। अगर आप कमजोरी महसूस कर रहे हैं और अपने शरीर को बूस्ट करना चाहते हैं तो तुरंत हेल्थी सूप तैयार कर लें। फायदा होगा।

बॉडी को करे हाइड्रेट

यह भी एक बड़ी वजह है कि आखिर क्यों कमजोरी के दौरान सूप का सेवन करना चाहिए। फीवर के दौरान शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है। इसलिए बुखार के दौरान शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए सूप का सेवन करना चाहिए।

 ऐंटि-इंफ्लेमेंट्री

ऐंटि-इंफ्लेमेंट्री खांसी से ग्रस्त लोगों को चिकन सूप लेने की सलाह दी जाती है। यह ऐंटि-इंफ्लेमेंट्री का काम करता है। अपने इसी गुण के कारण 12वीं शताब्दी में चिकन सूप को जूइश पेनिसिलिन के नाम से जाना जाता था।

पौष्टिक तत्व से भरपूर

सूप बहुत ही ज्यादा पौष्टिक होता है। इसे आप बेबी फूड भी कह सकते हैं क्योंकि यह आसानी से पच जाता है। साथ ही यह बीमारी से लड़ने के लिए आपकी इम्युनिटी को भी मजबूत करता है।

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