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सेंटा क्लॉज, क्रिसमस ट्री और झांकियों के बिना क्रिसमस की कल्पना भी नहीं की जाती। ये प्रतीक हमारे लिए संदेश लेकर आते हैं :

सेंटा क्लॉज :

माना जाता है कि तीसरी सदी में तुर्की में जन्मे संत निकोलस का ही आधुनिक रूप है सेंटा क्लॉज। संत निकोलस गरीबों की मदद किया करते थे। बच्चों के प्रति उनके स्नेह की कथाएं प्रचलित हैं। सेंटा से हम हंसमुख रहना, दूसरों की मदद करना और बच्चों के प्रति प्रेम भावना सीख सकते हैं।

ईसा की झांकियां :

क्रिसमस पर चर्च और घरों में ईसा मसीह की झांकी सजाई जाती है। लोग घरों में गौशाला सजाते है, जिसमें ईसा और उनके माता-पिता, चरवाहों और स्वर्गदूतों की मूर्तियां लगाई जाती हैं। ये झांकियां हमें विपरीत परिस्थितियों में भी सच्चाई और इंसानियत को बरकरार रखने की शिक्षा देती हैं।

क्रिसमस ट्री :

क्रिसमस ट्री रंग-बिरंगी सजावट, रोशनी और उपहारों से आकर्षित करता है। क्रिसमस ट्री़ का रुख ऊपर की तरफ होता है, यानी हमें निरंतर ऊंचाई की ओर बढ़ना चाहिए। यह हमें उदार बनने की भी प्रेरणा देता है, क्योंकि क्रिसमस का पेड़ उपहारों और रोशनी को अपने लिए नहीं रखता। यानी हमें जो जीवन मिला है, उसे हमें ईश्वर की तरफ से मिला उपहार समझना चाहिए और अपने जीवन को जरूरतमंदों की मदद में लगाना चाहिए।

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